[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
प्यार-महोब्बत
Home
Sub-Categories
प्यार-महोब्बत
तेरे जाने का गम नहीं
तेरे जाने से ज्यादा तेरे बदलने का दुख है हमें..!! धन्यवाद
read more >>
तुम हंसते बहुत हो..!!
किसी ने हमसे कहा तुम हंसते बहुत हो..!! हमने भी कहा क्या करे रुलाने वाले बहुत है...!! धन्यवाद
read more >>
तुझे भूल जाऊं....!!
तुझे भूल जाऊं ऐसा मेरे बस में कहां...!! पर तेरा साथ निभाऊं ऐसी मेरी तकदीर कहां..!! धन्यवाद🙏🏻
read more >>
रूहानी अल्फ़ाज़
यह कैसा इश्क़ है, जो कहता है, तू और गहरे चल। मैं तुझे, तुझसे मिला दूंगा वादा रहा मेरा।। शरद भूषण मोंगरा
read more >>
अर्ज ए उलफत
"अर्ज ए उल्फत" अब अर्ज ए उल्फत मान लो आहिस्ता आहिस्ता जब दिल तुम ही पर आगया आहिस्ता आहिस्ता। अब क्या करें क्या ना करें ये वक्त नहीं ह�
read more >>
मां
"मां" मां तुम ऐसी कैसी हो?? मां तुम जब सुबह उठती हो। तो उलझे बालों को ऐसे बांधती हो जैसे कंघी करने में न जाने कितना वक्त निकल
read more >>
भगवान का अनमोल उपहार मेरी मां
मां सुकून है मां जन्नत है भगवान की दी हुई एक मन्नत है । मां भगवान का दिया अनमोल खजाना है उसके सपनों को हमें सजाना है । मेरे पास शब्द न
read more >>
जिंदगी के सफर में कई मिले चाहने वाले
यूं तो जिंदगी के सफर में कई मिले चाहने वाले पर ऐसा कोई नहीं मिला जो मेरी रूह में समा जाए....!! धन्यवाद 🙏🏻
read more >>
एक ऐसा हमदर्द मिला हमको
एक ऐसा हमदर्द मिला हमको पहले तो दर्द पर बड़े प्यार से मरहम लगाया फिर उसी दर्द को और भी गहरा करके चला गया धन्यवाद
read more >>
जीवन्मुक्ति का सोपान
समय के महापुरुष की शरण में, जब शीश झुक जाता है। समर्पण की पावन समिधा से, सेवा का दीप जलता है।। श्रवण कर उनके वचनों को, मन का तिमिर छँट�
read more >>
सब कुछ बोल गई
"वह फिर भी सब कुछ बोल गई" बिन साज श्रंगार किए ही वह मनभावन तरुणी लगती थी चपल नहीं थी शांत भाव में खिली कुमुदिनी लगती थी वह कुमारी सुक�
read more >>
पानी पर खिलता कमल हो तुम
"पानी पर खिलता कमल हो तुम" पानी पर खिलता कमल हो तुम कुदरत की लिखी गज़ल हो तुम या हरी भरी प्रकृति में योवन का ताज महल हो तुम या नीले नीले
read more >>
« Previous
Next »
Showing
49
to
60
of
4352
results
‹
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
...
362
363
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder