मोहब्बत , में ज़िन्दगी ,- ढुंढ ने चलें थे।
ज़िन्दगी कहां थी ।
तुम्हें प्यार करने की ये चाहत भी गुनाह हुई ।२२२
मोहब्बत......
हर ओर तुझे तलाश� read more >>
जब , हिसाब हुऐ । दिल के,
कलम से,
कागज़ पे लिखी गई तारीखें ....
थी ,जरे- जरे में नाखुशी ।।
फिर क्या पुछते किसी से ।।
अक्सर टुट जाते दिल खिलोनो� read more >>
आपने कहां की ,
हम, कहीं,
आपके दिल में रह जाएंगे।।
खुशी में भी हम, और गम में भी हम
हर कहीं
आप को तो नजर आएंगे।।
आपने..........
तुम भुलो ,यां हम भु� read more >>