शीर्षक _______,मेघ
शीतल मंद बहे रे पवन ,
मेघ उड़ उड़ आए मेरे अगन ।
तन मन भीगे आज मेरे, हर्षित हुए मेरे नयन ।
कई दिन देखे राह तुम्हारी ।
अब ब� read more >>
जीवन की अनकही बातें ,
जो मन ही मन हम कहते हैं ।
दिल ही मेरा एक ऐसा है
जो मन की सारी बातें सुनता है। बहुत कुछ कह गया मन!
दिल सब कुछ सुनकर सह read more >>
प्रिय आ गए तुम !
आओ दिल के दरवाजे खुले हैं!
तुम्हारे लिए सदा !
पर ठहरो !
अपनी नाराजगी बाहर ही छोड़
आना !
और सुनो !बाहर उन खेलते हुए,
बच्च� read more >>
तुझे से कुछ कहने का,
यारा,
मन हो रहा है।।
आज , सावन ये
मधुर -मधुर बारिश में
तन- बदन और मन
ये भींगो रहा है।।
तुम से कुछ.....!
अब जीवन खुशियों � read more >>
अपने इस,दो दिन के इस प्यार में ...२
जीवन बसे हैं ! हजार.......!
हर मोड़ पे हम.......
फिर मिलें हैं।यार........!
अपनी मुहोबत, दुनिया देखें
अपना प्यार......!
� read more >>