बस लब्ज है!!
दुख इतना है कि शायर बन गया,
दर्द इतना है कि घायल बन गया,
गुम हूं कहीं,
ठोकर खा, भटकता सा पागल बन गया,
कहां मैं उसके लायक बनने च� read more >>
तेरे नाम से इस कदर रोया आज ---2
तुम रुह हो मेरी --
मैं जिस्म हूँ तेरी ,
तुम बिन कैसे जीऊँगा ,
लौट के आ जाओ ---2
तुम बिन अधूरा हर साज़ ,
करो दास्ताँ � read more >>