सरफिरा व्यक्ति हूँ मैं, रोज़ बिछड़ता हूँ... 2
इनसे मिलता हूँ, कभी मैं उनसे मिलता हूँ,
लौट आता हूँ घर मैं सोने को ही बस,
हेतु सोने को मैं अ� read more >>
लड़की :-
दिल में ए कैसी है तरास
निगाहें को तेरी है तलाश
हो तुम कहां
आ जाओ
तुम से बिछड़ के
मैं इक जिन्दा लाश
आज इन वादियों , फिजाओं को
हैं ते read more >>
रोज पैदल पैदल चलकर में स्कूल जाया करता हूं,
हर दिन सुबह उसी कली को अक्सर देखा करता हूं।
कली एक है भंवरे अनेक ऐसा प्रतीत होता है,
क्यो� read more >>