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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हमलोग थर्ड क्लास के लोग है शाहब पेट भरने के लिए भी रोटी गिन के खानी पड़ती है।।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मोहब्बत बांटों शाहब भले ही वफा न मिले।लेकिन जन्नत जरूर मिल जायेगी।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मोहम्मद के नाम पर मोहब्बत बांटने के बजाए नफरत का दरबार लगा हुआ है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हक की आवाज़ के लिए अब जान भी चला जाए तो क्या फर्क पर जायेगा,क्योंकि यहां हक सभी को चाहिए लेकिन बोलना कोई नही चाहता।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब के नाम के पीछे टाइटल मोहम्मद अली हुसैन लगा हुआ है।लेकिन व्यहवार फिरौन के जैसा कर रखा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मोहब्बत हमेशा खुशी तो नही देती है। लेकिन चन्द मिनट की खुशी के लिए जिंदगी बंधक बन जाती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
दूसरे के स्टेटस के पीछे भागने वाले लोग अपने स्टेटस को डिसेबल कर रखे है।
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खूब है
ऐ शाम खूब है ऐ रात खूब है और खूब है इसमें तेरा इतरा के यूं चलना ऐ शाम खूब है ऐ रात खूब है उसपे छलकती जाम का गिरना भी खूब है ऐ शाम खूब ह�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
दोस्ती और मोहब्बत दोनो नजदीक रहने पर ही मोहब्बत कायम रहती है,लेकिन अगर दूर चले गए तो मोहब्बत बंधक बन जाती है।
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तेरे सिवा
तेरे सिवा कोई न मेरा मेरा तो तू ही सबकुछ है तू जो छोड़ा साथ मेरा मेरा तो जीना मुश्किल है धन्यवाद
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प्रेम था या अवसाद
प्रेम था या अवसाद ‌जब भी कभी अतीत में जाकर तुम्हारे प्रेम को याद करता हूं, अवसाद में डूब जाता हूं.
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जो लोग मेरी खुशी में कसम खाए थे साथ देने का आज बही लोग मेरे बर्बादी का जिम्मेदार है।
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