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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब को पता है दुनियां सिर्फ एक धोखा है।लेकिन कुछ सालों को डिग्रियां मिलने के बाद दुनिया में ही अपनी जिंदगी को जन्नत बनाने की ठान रखी है
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लाखो मिल दूर चांद पर तो लोग पहुंच गए है। लेकिन इंसान इंसान के पास रह कर भी इंसानों के दिलों के करीब कोई नही पहुंच पाया।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिसको पैदा करने वाले माँ से मोहब्बत नहीं है।वो दुनिया में किसी के मोहब्बत का भी वफादार नही बन सकता है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कौन जन्नती है कौन जहन्नमी है।अब खुदा से ज्यादा इंसान ही खुदा बन गया है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब खुदा की चाहत नहीं रहा किसी को क्योंकि अब इंसान ही खुदा बन गया है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
व्हाट्सएप नोटिफिकेशन देख कर मैसेज का ज़बाब न देने वाले लोग खुद की मोहब्बत पर पैबंद लगा कर दूसरे को मोहब्बत का ज्ञान बांटते है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जट्ट मारी दुनिया का रानी बने ऐसे ही नहीं कोई दुनियां में खुदा बने।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज तुम्हें मेरी सकल से मोहब्बत नहीं हो रही है। कल मेरी मौत पर तुम खुद ही मेरी तस्वीर को बेच कर अपनी फेम बनाओगे।
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धड़कता है
धड़कता है दिल देखते ही तुझको मैं नजरे चुराएं भी तो कैसे भला बिना देखे आए न चैन मुझको। धन्यवाद
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भूल के
तुम्हें भूल के हम जाएं कहां जहां जाएं आते हो याद वहां। धन्यवाद
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मैं और मेरी खामोशी
मैं और मेरी खामोशी अक्सर तन्हाई में बातें करती है भीड़ से डर नहीं लगता दिन के ऊंजाले से डर लगता है ऐसा कहती है। धन्यवाद
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हम साथ हो
यश और नंदनी की शादी के छः साल हो चुकी थी ,पर उनका कोई संतान नहीं था । इसलिए नंदनी को उसके ससुराल वाले बहुत ताने देते थें।नंदनी बहुत दुःख�
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