खामोशियों, भाग 001 😁
शकुंतला घर से बाहर निकलने ही वाली थी कि जोरों की बारिश शुरू हो गई, हवा जोरों से चल रही थी बादलों की गरजने की आवाजें � read more >>
सूरज की पहली रोशनी,
जब आती सीधी ..!
दिखाई देते,
मेरे घर के, सामने वाली खिड़की .!!
उस खिड़की से, अंगराई लेती हुई
बंद आंखें की हुई, सामने नजर आ� read more >>
हर एक से प्यार मत करना
, जाने वाले का इंतज़ार मत करना ,
कसमें टूट जातीं _वादे टूट जाते हैं ___
ख़्वाबों में भी प्यार का इज़हार मत करना ।
___श� read more >>
गुस्ताख़ मोहब्बत ( भाग - 003)
________
गांव में पंचायत बैठी हम दोनों को बुलाया गया। गांव के सारे पुरुष बच्चे हम दोनों को घेरकर ऐसे देख रहे थे , म� read more >>