कई बार ,कई लोगों ,ने हम से कहा -
ये मुहोबत,..२..३..२
नहीं, कुछ भी एक दर्द के सिवा।
जिसने भी पला है इसे सीने मे
हुई तकलीफ बहुत उसे जीने मे।
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अक्सर नज़रे उससे गलियों में मिला करती है...
बात नही की कभी पर वो देख के मुस्कुरा दिया करती है ...
मैं आवारा हू उस गली का...
जिस गली से वो गुजर� read more >>
वो आज भी मेरी गली से हॉर्न बजा कर गुजरता है...
जब तक मैं ना दिखू दो तीन चक्कर लगा के गुजरता है...
और मेरे गली के लड़को से दोस्ती कर ली है ....
कह read more >>
मेरी गली में तेरा आना यू बार बार हो जाए..
काश हर रोज तेरा दीदार हो जाए..
दोस्तो से कभी फुरसत मिले तो ऊपर भी देख लेना...
काश यू ही नजर से नजर � read more >>
आज, कहे तों क्या .....
आज कहे तो ....? हो, आज...
ऐसे गिरी आसमाँ से
नूर सी बिजली ,हाय गई चीर कल्लेजा ।
तड़ती रात रंगीली ।हाय
आज ,कहे......
नजर मे सदा read more >>
(गजल छंद01)
चलते चलते बोझिल होने पर ठहराव ही है जरूरी,
रहते रहते एक ही छत के नीचे बदलाव ही है जरूरी।
संसार में गम बहुत हैं इसलिए प्यार नि� read more >>
होगी, अग्नि परीक्षा,
जीवन-पथ ,पे तेरी -मेरी।
मे जँलूगी। बन के बाती।
तुम बन जाना ,दीपक
मेरे जीवन -साथी।
पथ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
होगी,अग्नि परीक्ष� read more >>