हर कदम पे जिंदगी, रुलाती है मुझे।
ज़ख्म दे दे कर भी ये, बुलाती है मुझे।
शौक नहीं है पीने का, कुछ भी अब मुझे।
ग़म की प्याली फिर भी ये,पिलात� read more >>
हर घर खुशियों से भरा रहे ।
ये घर खुशियों से भरा रहे।
हर घर आंगन में दीप जले
घर घर में खुशियां छाई रहे।
स्वरचित
-पूजा सिंह "पूजा" read more >>
मेरी यादों से बचकर कहाँ जाओगे?
हर पल,हर लम्हा बस....
मुझे ही पाओगे?
मेरी यादों से बचकर कहाँ जाओगे?
पर,मेरी यादों के सिवा
मैं फिर भी तुम्हा� read more >>