लेख- अनुपम सूक्तियां।
लेखक- जितेन्द्र शर्मा।
08/05/2023
निवेदन- किसी रचना से कुछ ऐसा अमूल्य निकलता है जिसको संकलित करना कभी कभी बहुत उपयोग� read more >>
गीत बनता नहीं, बन जाता है!
लोगों के हृदय तक पहुंच जाता है!!
गीत गाया नहीं,लयता में ढल जाता हैं!
कभी-कभी करुणा में बह जाता है!!
तो कभी वीरता � read more >>
हर शब्द खेल दिखाते है!
कभी हसाता ते, कभी रुलाते,
तो कभी-कभी आत्मा को शांति पहुंचाते है!!
और क्या कहूं:-
यह शब्द ऐसे भी खेल खेलते हैं!
जो का� read more >>