[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
बाल-साहित्य
Home
Sub-Categories
बाल-साहित्य
मानव का जीवन
पेड़ों का जीवन जैसे मानव का जीवन ‌। जब पेड़ों से पते गिरने लगते हैं, तो वह धिरे-धिरे अपने वृद्धा अवस्था में आने लगता है । और उनकी मृत�
read more >>
हौसला
हर मोड़ पर घबराओ मत, तेरे हौसले काम आएंगे।।
read more >>
सपनों की उड़ान
आसमान में उड़ना चाहता हूं अपने ख्वाबों को जीना चाहता हूं अपने सपनों की उड़ान भरना चाहता हूं अपनी मंजिल तक पहंचना चाहता ह कि कहते हैं क�
read more >>
सैर
तीन रंग का है तीरंगा, करता है आसमानों का सैर । कभी न झुकता कभी न रूकता।।
read more >>
मां
खेल कूद कर आए शाम, बदरी हो या घाम। मां की एक झलक दिख जाए, फिर आंचल में छुप जाए। मां कि इतनी बोली प्यारी, अपने बेटे को क्षमा कर देती मां।�
read more >>
शिव
छाल पहने पिले रंग कि एक जटाधारी। तीन नयन एक कुंडल माथे चन्द्रधारी। जटा से निकलती गंगाधारी, गले सर्फ कंठ निवाला। शोभे बासहा बैल सवा�
read more >>
स्वर्ग
सुबह कि हरियाली मन को मोह ले जाती है। सुरज कि किरणें उनपर पड़ती है । बिखरे फूल खिल जाते है ऐसा लगता जैसे स्वर्ग उतर आया हो।।
read more >>
तेरीऔकाद
अपनी ना देख दूसरे के करे पहचान , है क्या तेरी औकाद।। जड़ ना होवे मजबूत, पेड़ पर चढ़ जाए। डाली कट जाए , आ निचे लपका।। आसमानों का है ,सैर
read more >>
हमारा जीवन
जीवन का राज है, अरमानों का यह सांझ है। माता-पिता का काम है,इनका ही आशीर्वाद है।। लोहे जैसी हिम्मत है, लोहे जैसा जज्बा। आंखों में लिए �
read more >>
इंसानो का डोर
ना अछुता ना अछुता, ना समझ है तुम्हे। तेरी रग-रग में बहता, इंसानो का है डोर।। कही देख ले कहीं सुन ले, ना पड़े प्रभाव तेरे पर हो जाए इसका �
read more >>
जनता कि हवा
आए हो दुनिया में न कुछ लेकर, जाओगे न कुछ लेकर। सम्पत्ति वहीं है, परिवारों का हंसना।। जनता कि हवा मिलती है, परिवार�
read more >>
मंजिल
चलते-चलते पांव रूके ना, बढ़ते-बढ़ते कदम झुके ना। लड़ते-लड़ते मर मिट जाए, चलते-चलते पांव रूके ना।।
read more >>
« Previous
Next »
Showing
265
to
276
of
392
results
‹
1
2
...
20
21
22
23
24
25
26
...
32
33
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder