वो याद है ना जब बचपन में हम नाराज होते थे मां से,
तब उस नाराजगी और मां के मानने का एक अलग ही बात होती थी,
रूठते हम थे तो चप्पल मां की निकल � read more >>
लहरों की स्वर सुनो, धीरे से आओ,
खुशबू सी लेकर, सपनों को सजाओ।
समुंदर के तट पर ये ध्वनि बहती है,
अजनबी सी है और बेहद खूबसूरती है।
चलो, लहर� read more >>
मासूम बचपन
मेरे मन में यदा - कदा यह सवाल उठता कि ,
" क्या बचपन बिल्कुल ही होशमंद नहीं होता या चालाकी की हद तक होशमंद होता है ?"
…
मैं अपने � read more >>