लहरों की स्वर सुनो, धीरे से आओ,
खुशबू सी लेकर, सपनों को सजाओ।
समुंदर के तट पर ये ध्वनि बहती है,
अजनबी सी है और बेहद खूबसूरती है।
चलो, लहर� read more >>
मासूम बचपन
मेरे मन में यदा - कदा यह सवाल उठता कि ,
" क्या बचपन बिल्कुल ही होशमंद नहीं होता या चालाकी की हद तक होशमंद होता है ?"
…
मैं अपने � read more >>