बीक रहा है पानी,पवन बीक ना जाए
बिक गई है धरती, गगन बीक ना जाए
चांद पर बिकने लगे हैं, ज़मी
डर है कहीं सूरज की तपन बीक ना जाए
हर जगह बिकने ल read more >>
2022
ना कोई गिला है,
ना शिकवा-शिकायत है।
जो भी लिया-दिया,
सलाम ए कबूल है।।
"मलाल नहीं दिलों में,
प्रेम ही प्रेम भर लें"
2023
का स्वागत कर� read more >>
एक कहानी है मेरी जो अधूरी रह गई
करने बैठा था पूरा स्याही ही कम पड़ गई
जेल पेन समझ के मैं लिखता गया वो चलती गई
में लिखता गया वो चलती गई, कम read more >>
" ,
कर कुछ नया इन आशो से,
लोग तो कहेंगे अच्छा या बुरा,
क्या फर्क तुझे इन बातों से,
है चाह इतिहास बदलने की,
तो शुरू कर अभी से ,
जो होगा समझ ल read more >>