मेरा देश महान था ,महान था ,महान था,
आचरण की सभ्यता का सम्मान था,
वेद शक्ति ही थी गूंजती सदा जहां,
मंत्र भी थे उच्चता पाते वहां,
मैं उस देश � read more >>
व्यंग~"भारत जोड़ो यात्रा"
लेखक~जितेन्द्र शर्मा।
तिथी~05/01/2023
मुख्य मार्ग पर घर होने के कुछ विशेष लाभ भले ही हों कभी-कभी हानि भी बहुत ह read more >>
एक दीन का इंतजार किया कर लिये
जनाब........!!
लाखो सवाल कर दिये
आप जान आगर जाओ
सालो बीत गई थीं
ये आस में एक पल मिल जाये मुझे बस तेरे नाम कि
क read more >>
गीत बनता नहीं, बन जाता है!
लोगों के हृदय तक पहुंच जाता है!!
गीत गाया नहीं,लयता में ढल जाता हैं!
कभी-कभी करुणा में बह जाता है!!
तो कभी वीरता � read more >>
हर शब्द खेल दिखाते है!
कभी हसाता ते, कभी रुलाते,
तो कभी-कभी आत्मा को शांति पहुंचाते है!!
और क्या कहूं:-
यह शब्द ऐसे भी खेल खेलते हैं!
जो का� read more >>