ज़रूर Afsana,
यहाँ एक भावनात्मक,
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"क्यों भरा है आज के इंसान के दिल में इतना ज़हर?"
एक आईना समाज के लिए
कभी-कभी सोचता हूँ —
क्या इंसान वा� read more >>
मौका ने मोहलत न दिया,खुदको बचाने की,
दिलने कहाँ, प्यास जिसकी थी,
वो सफर का साथी है यही,
सिलसिला मोहब्बत मे बढ़ता ही गया,
दूरियाँ भी न मिट� read more >>
जमाने से ना पूछतीं,
मै अगर......
मेरी मोहब्बत का
ये ,अंजाम ना होता ।।
जो हुआ वो,
काम ना होता ।।
जमाने......!!
मेरे दिल में दर्द का
कोई मुकाम न� read more >>
अंजाम,
इश्क में चाहत के बहाने का
क्या होना है है.......!!
क्या होना है है.........!!
हमें अपना चैन और तुझे
जमाने में सुकून.......
अपना ,ये खोना है??
अंज read more >>