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सूख गए दरखत तब से हुआ साया काहा कोई मुसाफिर जब से ठहरने आया काहा ।। माना के मिलने आए नही तुमसे हम मगर तुमने भी कभी हमे दिल से बुलाया का� read more >>
गीत = ( परछाई ) तू तो थी मेरी परछाई ! दुनियाँ मेरी क्यों है जलाई !! वफ़ा के बदले बेवफ़ाई ! कैसे हो गई तू हरजाई !! तू तो थी मेरी परछाई ! दुनियाँ read more >>
गरीबी का दानव, सुना है... गरीबी का दानव, बड़ा बेरहम, खूनी, खतरनाक कातिल है; बेहद बेरहमी से, टुकड़ा-टुकड़ा, धीरे-धीरे, बड़े स्वाद से, वह ख� read more >>
हम,भी काश ,पसंद होते उनकी , योहि कोई बेजार शौक नहीं । चन्द पलो, मे ना उ़डने़ घुँआ बन के रहते जेब मे उनकी ,कोई एक आदत बन के बात- बात होता ज� read more >>
कहा कहा मेने तुमको पुकारा नही एक लम्हा याद किए बिना गुजारा नहीं हक मूझपर जताना छोड़ दो अब में किसी और का हु अब तुम्हारा नहीं ।। नि� read more >>
वह व्यक्ति जिसने- अपने मन-बुद्धि, और अहंकार पर। विजय प्राप्त- कर लिया हो, उसकी आंतरिक। चेतना अपनी- प्रबलता की सीमा, तक जागृत हो गई हो� read more >>
जिसने- अपने अंतःकरण में, विजय प्राप्त कर लिया! उसने- सब कुछ जीत लिया!! -मोती read more >>
'किस्मत रूठी हैं'...'और वक्त का थोड़ा मारा..हूं' मैं अभी भी 'कोशिश' में हूं...'अभी नहीं हारा..हूं'..!! read more >>
सारी संभावनाएं- मनुष्य के कदमों में, जीवन कुदरत का उपहार! एक-एक स्वांस में- जीवन की कृपा आ रही है! मनुष्य- विवेक वान है, प्राकृतिक रूप read more >>
आलम में- एक जंतु ने अपना, वर्चस्व कायम किया है धीरे-धीरे- जन-मानस को, निकल रहा है बचपन को देखो- दिमाग में नशा चढ़ा है उसने अपना- बचपन ख read more >>
जहर भी यहां है अमृत भी यहाँ है जीना है के मरना है ये तुम्हे तय करना है ।। धारती भी याहा है अंबर भी यहां है उड़ना है की चलना है ये तु� read more >>
अपनी आंखो को हमने जी भर के रूला दिया भूलने वालो को हमने कब का भुला दिया ।। धड़क रहा था बोहोत जोरों से दिल ये मेरा हमने अपनी जान देकर उ� read more >>
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