आज मै टूट कर बिखर चुकी हू........ तुम्हारी वजह से
हाथ में चुभे कांटे निकल जाते है .........
सीने में चुभी तीर निकल जाते है........
लेकिन मन में चुभे read more >>
"तू बिना हुए हताश,
बढ़ा अपने मन की आश,
ना हो परेशानियों से निराश,
कर्म पर रख तू विश्वास,
फल को छोड़ ऊपर वाले के हाथ,
बस बढ़ता चल बढ़ता चल, read more >>
ये जिंदगी की रफ्तार है साहब ये तो अपने हिसाब से चलता रहेगा
समय कैसा भी हो किसी का वो भी वक्त के साथ निकलता रहेगा
अगर कुछ करना है तो वक्त � read more >>