आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
कविता = (‌ विधि )
देखा किसी ने ना !
लेखा विधि का !!
फिर भी रहा तू !
यहाँ अजनबी सा !!
क्यों न हुआ तू !
यहाँ है किसी का !!
देखा किसी ने ना !
लेखा विध read more >>
मखा कइया के बीछडण का कारण या किस्मत की लकीर भी होजया है
अर हीर न हर बार रांझा ना छोडदा
कई बार बेबफा साली हीर भी होजया है
Sumittanwar
#trending #shorts #haryanvi read more >>