सियासत ने कर दी है नफरत की दीवार इतनी ऊंची,
बचपन के दोस्त भी देख के अब राह बदलने लगे हैं,
कभी खाते थे दोस्ती की कसमें दिन-रात,
आज वो हमसे � read more >>
दिल से दिल में बहती, प्यार की मीठी सिहरन,
सीने के रेशों में, छुपी कितनी बातें अनगिनत।
हृदय से हृदय मिलकर, सपनों की नई गाथा बुनते,
एक नया � read more >>
सुनो 🙉
हमारे समाज का हकीकत कुछ ऐसा है
शुरुआत में एक बेटी' बाप पापा' की परी और बेटा 'मां का राजा' होता है !
फिर वक्त ने ली करवट
25 की उम्र आते read more >>
(Verse 1 – Soft)
चल पड़े हैं रास्ते फिर से पुकारते,
टूटे सपने भी आज साथ चल पड़े।
धूप है तो क्या हुआ, छाँव बन के तू बढ़,
हार के भी जीता है, जो खुद से क read more >>