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क्या तू सच मुच् चाँद हैं
क्या तू सच मुच् चाँद हैं या यु ही समझ बैठा हूँ मैं अगर दाग़ हैं तो दिखा वार्ना जातां हु जाऊ क्या मैं तू अब तक कहा थी गुम मैं हर रोज़ आता
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मज़बूत बन
मज़बूत बन मज़बूत बन ऐ मन, मज़बूत बन। संघर्षो का नाम है जीवन, सीता भी भटकी थी वन वन। पैरों में उनके छाले थे, पैरों में बेडियां डाले थे। �
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"श्रृंगार"
"श्रृंगार" "यूँ आईने के सामने खड़े होकर खुद को यूँ ताकते रहना,अपने बालों का जूड़ा बनाना,आँखों मे सुरमा लगाना,माथेपे वो टिकली लगाना,इत्र
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खबर
आजमाया जाऐगा , खबर है। दिल मे ,एक दिन, शहर मुहोबत का बसाया जाऐगा । खबर है। बेवजा ना सोचों, तुम हमसफर हीं तो सफर है। वो एक दिन आऐगा , ये �
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मेरे दिल में
तेरे दिल में सनम हो न हो हम मेरे दिल में तो तुम्हीं बसते हो माना कि हमको जताना आता नहीं मोहब्बत से भी हमको रिझाना आता नहीं मगर ए हमदर�
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पवित्र रिश्ता प्रेम का ।
पवित्र रिश्ता प्रेम का, अब दिन पर दिन शर्मसार हो रहा है, क्योंकि अब आत्मा का मेल नहीं जिस्मों का व्यापार हो रहा है ।
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कविता = गिला
कविता ( गिला ) रब से न कोई गिला ! जो मिला सही मिला !! फ़क़ीरी में, मैं हूँ पला ! फ़क़ीरी का भी हो भला !! फ़क़ीरी से ही सीखा हूँ ! जीने की हर कला
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सपनों का सौदागर
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 प्रेरक कहानी 👌*दान मन से भी संभव*👍 ◆◆प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर...करण सिंह◆◆ 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 🌸🌸🌸�
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ये रिश्ते दिल के करीब थे कभी
ये रिश्ते- दिल के करीब थे कभी ? ये मंजर जो बदले- बदले मौसम बहार में गुदगुदाते दिल ये- मिजाज में अपनों की महक पास बैठो- जरा तसल्ली तो क�
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जगत के रंग ....
जगत के रंग- देख मन में उठते तरंग ख्वाबों की दुनिया- बुनते गुजर जाते उम्र तमाम हर राही यही कर्म- दोहराता फिरता इस जगत में सपने-सपनें �
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एक बालक
अति पवित्र- बलवान अति बलशाली झलकता आनंद- भरा हृदय का प्याला एक बालक किसी की- हर गलती कर देता माफ मुखड़ा तो देखो- शांति भरी ये जो चमक
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शिवस्यरूपम
शिवस्यरूपम चन्द्र, केश में गंग साजे, ग्रीवा भुजंग धारी प्रभु, भाल सर्व अंग पे भस्म साजे, कमल त्रिनेत्रधारी प्रभु , खाल वस्त्र धारण अं�
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