Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
ख्वाहिशों को कल पूरे होंगे -कल पूरे होंगे टालते -टालते हमने जीना सीख लिया । कभी खुशियां मिलेंगी इस सहारे दुखों से लड़ना सीख लिया अब मि read more >>
सुधार आंदोलन और सहकारी प्रयत्नों के फलस्वरूप महिलाओं की स्तिथि में अनेक परिवर्तन और सुधार हुए हैं। पर इस संदर्भ में अब भी बहुत सी सुध� read more >>
वो पूछ रहे थे मेरे घर का पता। मैने उन्हें कुछ इस प्रकार बतलाया। सूनी है सड़के गलियाँ भी सुनसान है। ख़ामोशी का पहरा है, और तन्हाईयों का को read more >>
दोस्ती एक ऐसा शब्द है जिसके लिए शायद शब्द भी कम पड़ जाय, पर मैं डरता हूँ दोस्ती करने से ऐसा नहीं है कि विश्वास नहीं रहा पर कुछ बचा भी नहीं read more >>
यादें बचपन की पांचवीं तक स्लेट की बत्ती को जीभ से चाटकर कैल्शियम की कमी पूरी करना हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था कि कहीं read more >>
हम बचपन में छुट्टी के बाद खाना खाते ही शुरु हो जाते थे..... फिर जब शाम को वापस खाने का समय होता तब ही वापस घरों को रूख करते थे। आजकल के बच� read more >>
बचपन वाली दीपावली बचपन की दीपावली का मतलब छोटी दीवाली, बड़ी दिवाली और उसके बाद गंगा स्नान (कार्तिकी) की तैयारी हुआ करता था। धनतेरस औ� read more >>
"यादें बचपन की " इस पीले भूरे रंग की वस्तु को देख रहे हैं ना उसे शायद बहुत से लोग पहचान भी रहे होंगे। नई पीढ़ी और शहरों के लोग शायद ना भी read more >>
यादें बचपन की आज के समय में पेंट करना बहुत आसान काम है, पेंट का डिब्बा खोलो, रोलर डुबाओ और घुमा दो, हो गया पेंट। एक समय था कि हमारे बचपन read more >>
वो दिन,, जो भूले न जा सके,, जब हम स्कूल में पढ़ते थे उस स्कूली दौर में निब पैन का चलन जोरों पर था..! तब कैमलिन की स्याही प्रायः हर घर में म� read more >>
बचपन मे बहन मिट्टी का घरौंदा बनाती थी। मिट्टी का सात-आठ दिन लगकर फिर दीवाली की रात उसकी पूजा कर उससे मिट्टी के बर्तन( चुकिया) में प्र� read more >>
यादें बचपन की चलो देखते हैं फिर एक समय पुराना, शिक्षालय के चारों यार, यारों का था याराना, हाथ में कपड़े के फटे हुए होते थे थैले, read more >>
Join Us: