नज़र को राह मिली पर सफ़र मिला ही नहीं,
बिना उस नूर के दिल का हुनर मिला ही नहीं।
पढ़ा किताब-ए-हयात को, हर एक पन्ना खुला,
मगर जो भेद था उसम� read more >>
बार-बार चुनाव का शोर, कभी यहाँ, कभी वहाँ मतदाता की कतार,
कभी लोकसभा, कभी विधान सभा, कभी पंचायत, कभी नगर-पार,
हर बार घोषणा पत्र, हर बार नारा, � read more >>
दीप बनो जो राह दिखाए,
जो अंधियारा दूर भगाए।
जलो मगर सेवा के लिए,
ना कि केवल मेवा लिए।
दीप बनो जो सत्य जलाए,
झूठ और भय सब मिट जाए।
जग में � read more >>