इस जीवन में तुम्हारा मिलना भी!!
एक इत्तेफाक ही सही!!
कभी-कभी मैं सोचती हूं !!
न जाने किस जन्म का रिश्ता है!!
एक खूबसूरत ,तुमसे मुलाकात ही स read more >>
जिंदगी को मैंने यूं ही गुजारी है!!
गम से तो रोज ही मुलाकात है?
खुशी से भी कभी-कभी मेरी यारी है!!
कहने को तो यह जिंदगी हमारी है!!
पर मैं खुद read more >>
आजकल न जाने क्यों ?
मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूं !!
पर बोल नहीं पाती हूं !!
सच तो बयां करना चाहती हूं !!
पर झूठ भी बोल नहीं पाती हो !!
न जाने क्य� read more >>
आजकल न जाने क्यों ?
कांटों पर चलती हूं !!
अंगारों में जलती हूं !!
न जाने क्यों ?
कभी-कभी मैं नींद में भी चलती हूं !!
दिल कहता है ,यह समय है यह, भ read more >>
न जाने क्यों अब अपनी परिस्थितियों से नाराज हूं मैं !!दिल को क्यों ?यह यकीन हो चुका है !!
अब इन परिस्थितियों से निकलने!! के लिए तैयार हो चुक� read more >>
जीवन का खेल
"निशा बिटिया, जल्दी कर, देर हो रही है। आज दूर जाना है बिटिया, वहां आज ज्यादा कमाई की आस है।"
"हां बापू, आ रही हूं। रस्सी, डंडा, � read more >>
आज मन थोड़ा उदास है,
सुख की लगी थोड़ी सी प्यास है।
ऐसा नहीं कि झोली है खाली,
कुछ और पाने की अभी भी आस है।
भावों के तारों में रिश्ते अभी भी � read more >>