"✍️निर्णय और समय - के.भारद्वाज"
कल जो निर्णय था -
वह तब सही था,
भले ही आज
उसके मायने बदल गए हों।
आज जो ठाना है मन ने,
वह अब सही है,
भविष्य म� read more >>
एक दिन ओर जन्म -दिन....
सबकी विकल्प सोच में
बदलने का एक खाश दिन।
नियम तो नहीं,
पर नयापन लाने की कोशिश भी।
एक दिन ओर जन्म -दिन....
पर इसके वास� read more >>
आज के युग का अजब नज़ारा,
सबको मंज़िल चाहिए दोपहरा।
ना ठहराव, ना कोई सब्र अब,
हर दिल में बस जल्दी का सहरा।
कदम-कदम पर जो ठोकर खाए,
वो हार � read more >>
कविता: 🏅 “खेल का दीप जलाओ” 🏆
मैदान बुला रहा है तुमको, आओ खेल दिखाओ,
दिल में जोश, आँखों में सपना - आगे कदम बढ़ाओ।
पसीने की हर बूँद यहाँ, मे� read more >>