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Amidst the emerald hue, A symphony of life imbued. Gentle breeze whispers grace, Dancing leaves, nature's embrace. Sparrows sing melodies pure, Rivers weave tales that endure. Mountains stand tall, proud and grand, Nature's love, a brushstroke of God's hand. In this harmonious choreography, we find solace, A heart touched by nature's tende read more >>
Whispering breeze, caress my weary soul, In nature's embrace, find solace untold. Leaves gently dance, as melodies unfold, Harmony echoes, where life's stories are told. Sunlight paints the sky with hues divine, A symphony of colors, nature's design. Birds sing their songs, melodious and pure, Love and beauty, in every moment, endure. M read more >>
Beneath the moon's soft glow, Nature's symphony begins to flow. Leaves rustle, a gentle breeze, The forest whispers, putting my heart at ease. Through emerald canopies, sunlight dances, Life's fragile beauty, in nature's romances. In this tranquil embrace, my soul is free, Bound by love for Earth's tapestry. read more >>
इस दुनिया में सब को सब कुछ तो नहीं मिलता ना किसी को कुछ की कमी है तो किसी को कुछ की पर जिसको पा सकते हो उसी के पीछे लगना और जिसे पा नहीं सक read more >>
ज़िंदगी है एक गीत, हर लम्हा है संगीत, रंगीन रंग है इसकी दुनिया, ख़ुशियों का चमन है यह। कभी ख़ुशी, कभी ग़म, यह है ज़िंदगी का राग, मिलते है� read more >>
नया सवेरा चमक रहा है, नयी उम्मीदें जगमगा रही हैं। जीवन की खिड़की खोलो दिल, नयी खुशियों का सफर चला रही हैं। आओ, नये ख्वाब सजाएं, नये आरम read more >>
(मुक्तक छंद) सपनो की परी बन जब तुम सामने आती हो। रेशमी वस्त्रों में लिपटी अति झिलमिलाती हो। जन्नत सा नजारा का दर्शन कर मैं होता खुश_ बे read more >>
(मुक्तक छंद) हो दिलरूबा ये इश्क है एक जुआ। तुझपे ही मैं जान से कुर्बान हुआ । बिना तेरे तो मेरे अरमान जले_ जान अब तो मुझको बना ले बलमुआ। (� read more >>
(मुक्तक छंद) मेहबूब सनम तेरी कसम दीदार हुआ है जब से। मेरी नींद गई मेरा चैन गया प्यार हुआ तब से। सीने में छुपा के रखा हूं तुझको तो मैं ओ य� read more >>
फूलों की बाहार आई हैं, बूंदों की फुहार आई हैं, रिम झिम बर्षा पानी, बागों में हरियाली छाई हैं। read more >>
क्यों झांक रहा मन मेरा? पथ में इतने कांटे थे मन में जितनी बातें सहज और सम्पूर्ण भाव से आंक रहा मन मेरा। बिजली के उर में तड़पने मानें read more >>
बारिश का का मौसम बड़ा सुहाना, गर्मी गई बारिश ले आया, पेड़ हरे भरे होकर झूमने लगे, फूलों पर ताजगी का रंग चढ़ आया। read more >>
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