Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Once upon a time, in a small village nestled amidst lush green mountains, there lived an elderly woman named Maya. She had a heart full of love and a gentle spirit that radiated kindness. Maya believed that every act of kindness, no matter how small, could make a significant impact. One sunny morning, Maya noticed a homeless dog wandering the st read more >>
Once upon a time, in a small village nestled amidst lush green mountains, there lived a young boy named Aryan. Aryan was known for his pure heart and unwavering faith in the divine. Every morning, he would visit a serene hilltop, where a solitary tree stood tall. Underneath that tree, Aryan would sit, meditate, and offer his heartfelt prayers. O read more >>
सब्र करना सीखो, सब कुछ मिल जायेगा, एक बार में घड़ा नहीं भरता, फल भी एक दिन मिल जायेगा। read more >>
मधुर मुस्कान तिरछी नजरिया, होंठों पर लाली लगे प्यारी, मोर मुकुट लगता हैं सुन्दर, पैरों में बांधे नन्हीं पायलिया। read more >>
(कुंडलिया छंद) पानी अदभुत तत्व है,करिए हद में खर्च। तभी धरा गुलजार हो,नित्य करें नव सर्च।। नित्य करें नव सर्च,बनें ज्ञानी का साथी। फैल read more >>
तेरी एक झलक सांवरे, हमको दीवाना कर गई, देखी जो तेरी सूरत, मेरे होश‌ उड़ा गई। जय श्री कृष्णा read more >>
वो याद है ना जब बचपन में हम नाराज होते थे मां से, तब उस नाराजगी और मां के मानने का एक अलग ही बात होती थी, रूठते हम थे तो चप्पल मां की निकल � read more >>
(दोहा छंद) नेकी करते हम चलें, होगा बड़ा प्रताप। भागे बाधा दूर तब, खुशियों में हों आप।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीप read more >>
(कुंडलिया छंद) माया में सब लीन है,भूल गए हैं मूल्य। सब रह जायेगा यहीं,जाओगे बन शून्य।। जाओगे बन शून्य,जन्म ले फिर से आना। फिर माया में फ read more >>
(कुंडलिया छंद) माया से संसार है,सबका अपना दाम। खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।। करिए सुन्दर काम,समाँ रौशन तब रहता। छोड़ें कभी � read more >>
(दोहा छंद) गर्मी का मौसम अभी, तापमान है गर्म। बदन पसीना मय रहे,चाहत रहती नर्म।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देव� read more >>
मासूमियत भरे चेहरे के पीछे एक शैतान हुआ करता था, और वो शैतान भी कितना नादान हुआ करता था, अपनी छोटी छोटी शरारतो से सबको परेशान किया करत� read more >>
Join Us: