(शायरी)
मेरी सारी सोच पूनम नगर से आई है,
जो रिमझिम बरसात में नहाई हुई है।
दिखने में भव्य दिव्य खूबसूरत लगती है,
सामने वाले को भी महका के � read more >>
वो बुलाते गए ,हम तो आते गए
अपनी आंखों मे दुनिया बसाते गए।
हम तो गिरते गए ,वो उठाते गए
अपनी आंखों ने दुनिया बस आते गए
।हम तो रोते गए वह हं� read more >>
(शायरी)
जंगल की वह कहानी आज भी कुछ कहती रहती है,
जहां घूमने जाने पर मंगल ही मंगल लगता था।
न कोई खौफ न कोई डर था हम सब ही संग थे,
मन में मस्त� read more >>
(शायरी)
रेल का वह सफ़र आज भी याद आ रहा है,
सामने मेरे चाँदनी जैसी एक महिला बैठी थी।
वह मुस्काई फिर शबनमी होठों से कुछ कही,
यार सफ़र में क� read more >>
(शायरी)
बहुत साल पहले की बात याद आ रही है,
अचानक एक मित्र का मिलना मज़ा आ गया।
फिर बातें हुई खुशियों के वृत में हम आ गए,
फिर वहां रंगीन मय read more >>
(शायरी)
मेरे ख्वाबों की मल्लिका अब तो आ जा,
नैना तेरी दीदार को कब से तरस रही है।
इस सुने दिल को फिर से रोशन कर दे,
उस शुभ घड़ी के लिए मैं ब� read more >>