कभी कभी, ये ख्याल आ जाता है,
क्या सारा ज़माना, दुश्मन बन जाता है।
अपने काम से काम, रहता नहीं किसी को,
दूसरों के जीवन में, झांकना हर किसी को read more >>
सूर्य, दक्षिणायन हो गया है,
बारिश का भी, दौर खत्म हो रहा है।
फिर वही सर्दी भरे दिन, लौटने लगे हैं,
नए फूलों के दिन,फिर से महकने लगे हैं।
ख� read more >>
आज खुश हे तु इतना, तेरी खुशियों में
ये सारा जहान शामिल नजर आता है।
आज गम से तु इतना बेजार मत हो
गम के बगैर भी ये जीवन बेकार नजर आता है।
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