आज फिर मेरी जुवा लड़ खराने लगी है, उसकी यादे दिल को अंदर हि अंदर जलाने लगी है।धुंआ धुंआ सा मंजर आँखों पे छाने लगी है, लव भी उसी कि गीत गुनग� read more >>
क्या कहु ये आँखे क्यू तु आज भी रोता है, जब दर्द अपनो ने ही दिया है फिर क्यो पिरोता है।कुछ तो मजबूरिया होगी उनकी भी जो तुझे दर्द दे गया, उस � read more >>
पल पल-
गुज़रते ए-जिंदगी,
के पल हर पल पल पल...
ना जाने कब साथ-
छोड़ेंगे ज़िंदगी के ए-पल...
जिसे गुज़र-
जाना ए-महोब्बत,
जिंदगी से क्यों किया read more >>