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तन्हाइयों की गजलो को गुनगुनाते रहो एक दिन इन्ही को गाओगे शाम कभी देर तक फिजाओं में घूमते रहो एक दिन इन्ही वादियों के होकर रह जाओगे read more >>
कभी मुड़कर न देखना वो साए सारे जो तुम्हे खुद तुमसे जुदा करते है मे फिर किसी मोड़ पर बेकरार सा खड़ा रहूंगा कैसे रहू. तन्हा ही मिलुं� read more >>
मुझे खुदके हाल मे तन्हा छोड़ दो क्यू बस पूछो मत मे बयां नही कर सकता किस्से तमाम और क्या करोगे तुम भी जानकर ये दस्तूर है दुनिया का बदल� read more >>
जानता हूं मिलना नहीं है, यकीन है मुझे दरिया के किनारे उसी जगह घंटों गुज़ारता हूं..।। बयां क्या करूं शब्द नहीं, पुकारता हूं उसे शब्द उ� read more >>
तू आए शरमा के नज़रें झुका के ये मैं सदके तेरी इसी अदा के गर-ए-जिंदगी में मिलना तुम्हीं से महबूब मेरे-ए-पनाह तुम्हीं से जीवन-ए-सफर का त� read more >>
इतना ना सताया कर ए जिंदगी हमें ना रूलाया कर मेरे आंसु मुझे खुद ही पोंछना पड़ता है कभी तो तु मेरे आंसु पोंछने आया कर तेरे मेरी क्या दुश read more >>
कर कबुल दुआं तेरे शहर आईं हूं खोल नयन मां अब मयईहर आई हूं हाथ में पुजा के थाली लोटिया में जल भर लाईं हूं बोल न अम्बे। अब मयईहर आई हूं read more >>
मैं रात अमावस की चांद कहां होगा मेरी तकदीर में अंधेरों से रिश्ता मेरा रौशनी नहीं है मेरी नसीब में कभी कभार ख्वाबों में पूनम नजारा द� read more >>
"प्यार अगर सच्चा हो तो... कभी नहीं बदलता... ना वक्त के साथ... ना हालात के साथ..." -दिनेश कुमार कीर read more >>
हर सुबह में आता हूँ । तेरे चरणों में दीप जलाता हूं । मिट जाऐ अधंरे,, जीवन के तुझे मनाता हूँ। हर सुबह मे आता हूँ। हर मुश्किल मेरी, ये द� read more >>
सत्य व असत्य अनिल और सुनिल दोनों बहुत ही घनिष्ठ मित्र व सहपाठी भी थे। वे कक्षा - सात में पढ़ते थे। अनिल एक बुद्धिमान लड़का था। वह सत्य read more >>
दिनू की कहानी एक समय की बात है । खेड़ा नामक एक गांँव में एक अमीर साहूकार हेमा रहता था । वह बहुत ही धनवान था । गाँव के लोग उसका बहुत सम्मा read more >>
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