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नदी का किनारा और उसमें बिखरती चांद की चांदनी का नजारा हो, तुम्हारे कांधे का सहारा, काश ऐसी सुकून भरी रात में मिलना हमारा हो… -दि read more >>
सावन आपके प्रेम का बरसा हैं गाँव में इक सादा शख़्स प्रेम से लबालब हुआ हैं गाँव में बोऐ थे बीज मैंने वफ़ादारी के बीते बरसों में कल वही � read more >>
"प्रेम की बात सिर्फ एक प्रेमी ही जान सकता है। प्रेम शब्दों की बात नहीं यह एक शब्द हीन भाव है जो इसमें डूबता है सिर्फ वही ही जानता है। इस प read more >>
बचपन में मैं देखती थी कि घर के पुरुषों के बाहर जाने पर घर की महिलाएं कभी दरवाजा तुरंत बन्द नहीं करती थी, सांकल (lock) छोड़ देती थीं। थोड़ी दे� read more >>
हे प्रभु हे प्रभु येशु मुझे अपने हृदय के पवित्र स्थान में छुपा ले । महिमानवित होने की पूरी इच्छा से मुझे बचा । मुझे स्वार्थी पन दूसरों � read more >>
श्रीकृष्ण का नाम लड्डू गोपाल कैसे पड़ा ? भगवान श्रीकृष्ण के कई नाम हैं, श्याम, मोहन, बंसीधर, कान्हा और न जाने कितने, लेकिन इनमें से एक प् read more >>
गणेश चतुर्थी क्‍यों मनाते हैं ? इसके पीछे भी है पौराणिक कथा जो मेरी माँ अक्सर सुनाया करती है। आज मैं उनकी बताई हुई कथा को आपसे साझा कर� read more >>
"सर मुझे कल की छुट्टी चाहिए।" संजय ने अपने सर से कहा। " संजय तुम्हें पता है दो दिन बाद रिपोर्ट सबमिट करनी है। छुट्टी का तो सोचो ही मत।" स� read more >>
यह कहानी है वह हर बच्चे की जो बड़ा हो जाता है अपने काम और अपने परिवार में व्यस्त हो जाने के कारण माँ बाप को भूल जाता है ।बच्चा चाहे कितना read more >>
गाँव की बात निराली गाँव में सुबह - सुबह चार - पांच बजे ही चिडियों की चहचाहट, गाय - भैंसों के रमभाने की आवाज शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुज read more >>
गर, हम तुमसे न मिले होते न शिकवे होते न गिले होते दूर होती मेरी परछाई भी काश, तुमसे न दिल मिले होते न सिल सिले होते। read more >>
हर तरफ तू और , तेरे नाम आवाज दे कर, तुझे बुलाता हूँ। सुबहाँ ,शाम ...... आजा माँ, आजा माँ अब देर ना कर ये घडी़ संकट की है। युही, रात पहर न� read more >>
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