"महाकाल"
"हम खोज में निकले है,जिसके वो कहीं कैलाश की चोटी पर बैठा है, शांत,शन्यू,अमुख-सा जिसके सिर पर विराजी है,गंगा गले में लिपटा है, सर्प read more >>
जीवन का सफर, बदलते रंग,
सिखाता है हर पल, कुछ नया अंग।
सपनों की उड़ान, हर कदम पर,
बदलता इंसान, नया व्यक्ति बनकर।
सोचों का संग, और नया दृष्ट� read more >>
महिला, नारी, स्त्री, औरत
है तेरे नाम अनेक,
है तेरे रूप अनेक,
कहलाती है तू कभी माँ,
कभी पत्नी, कभीबहन,तो कभी बेटी या फिर कभी अच्छी सहेली,
ल� read more >>
तेरी नजरो में अगर में कुछ भी नही तो ,फकत बस इतना तो बताते जा
वो कौन सी मोहब्बत थी तेरी, उस के कुछ किस्से गुन गुनाते जा
जो जलाया था तूने मे� read more >>
पढ़ना है, आगे बढ़ना है ,
करना है परिश्रम, बढ़ेंगें आगे हम,
नहीं रुकेंगे कभी, नहीं थमेंगें कहीं,
जीवन की हर एक संघर्ष से लड़ते -लड़ते,
बढ़ना है, आग read more >>