तारीखें तय कर , इम्तिहान अभी......और ....बेजार होंगे....!
मुश्किल में है ।
मुकद्दर के सिकन्दर का अब हर ख्वाब ...
अपने फैसले पर ज़रा ग़ौर कर.....! read more >>
अपने पराये क्यों, लगने लगे हैं
रिश्तों से अब हम, बिछड़ने लगे हैं .
कल तलक जो साया बनकर ,साथ-साथ चलते
आज है ख़फ़ा जैसे ,अंजान हो कोई हम.
अ� read more >>
दौलत ही दौलत बिखरी है ।
रास्तों पे,
खूबसूरत एक निर्माण और होगा
चाहत की वसीयत पे . क्या लिखु......?
अपनी मुहोबत की सुंदरता
जानती हो तुम.. ....... read more >>
निशा से चला -
सारें दिशाओं से चला ;
पाला लिऐ पवन ,
ठिठुर रहा रज़ाई -
सारी रात -
ठिठुर के रज़ाई में लूँ अंगड़ाई ।
जल्दी से उठो सूरज भाई -
रा read more >>
जरूरी तो नहीं
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इश्क हो फिर जुदाई हो जरूरी तो नहीं
हमने भी चोट खाई हो जरूरी तो नहीं
उनकी खुशी के खातिर हम दूर हो गए
रिश्ते में बेव� read more >>