कितना अकेला हूँ मैं, खुद को कितना सहता हूँ मैं,
रोज मरता हूँ मैं, रोज अपने को मारता हूँ मैं,
दुनिया की इस जदोजद मैं ना रहता हूँ मैं,
अपने � read more >>
अपने दिल की सारी व्यथा एक कागज पर लिख डालो,
लिखकर फिर उस कागज को दिल से पढकर जला डालो,
अपनी सारे मन की जिज्ञासा को एक खोने में दफना डालो,
� read more >>
मजबूर हूँ साहाब इन हालातों के दोर में,
दो वक्त की रोटी मिल जाएँ इस लिए ही भटकता हूँ इस संसार की भाग दौड़ में,
मेरा कौन है इस दुनिया में यह� read more >>
मेघ तू अब तो बरस जा अन्नदाता के आँसू पहुँच जा,
उम्मीदों के इस सफर को तू ना अब ऐसे सूना कर जा,
बंजर पडी इस जमीन को मेघ तू अब भी बरस कर सोना क� read more >>