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स्टुडेंट- सर आज सुबह-सुबह मैं घर से बाहर जा रहा था अचानक गिर गया वो भी सुखे में टीचर- टीचर ने कहाँ बेटा धरती का गुत्वाकर्षण बल कम होने क� read more >>
कितना अकेला हूँ मैं, खुद को कितना सहता हूँ मैं, रोज मरता हूँ मैं, रोज अपने को मारता हूँ मैं, दुनिया की इस जदोजद मैं ना रहता हूँ मैं, अपने � read more >>
अपने दिल की सारी व्यथा एक कागज पर लिख डालो, लिखकर फिर उस कागज को दिल से पढकर जला डालो, अपनी सारे मन की जिज्ञासा को एक खोने में दफना डालो, � read more >>
हिन्दी भाषा नहीं मेरी माँ का यह एक स्वरूप है, नफरत भरी इस दुनिया में मोहब्बत का एक रूप है, समां बांधा है इसने मेरे दिल के हर एक कोने में, read more >>
संस्कृति से खुलेआम खेल रहा है इंसान, चकाचौंध की दुनिया में जाकर भुल रहा अपनी पहचान, संस्कृति अब इंसान से नहीं बच पा रही है, इंसान के दि read more >>
दिन-दोपहरी कन्धों पर बोझा लेकर में गाँव से शहर को आता हूँ, मेरी बचपन की ना जाने कितनी विरासत में गाँव छोड़कर आता हूँ, माँ-बाप का प्यार नह read more >>
सब टूट गये सब छूट गये, सपने सारे छूट गये, अपने ही जब बेकरार हुए, सपनो के सारे चक्कर छूट गये । जिन्हें समझा हमने अपना वह पराये होकर छूट गय read more >>
तुम चांद सी चमकती प्यार में लिखी एक प्यारी सी इबादत हो, आंखों में पिरोये प्यार को तुम एक बहती दरिया सी हो, तुम्हारी इस जवानी पर ना जाने � read more >>
लौहा हूँ मैं अभी मुझे सोना बनकर दिखाना है, इन पर्वतों की अकड तोड़कर मुझे रास्ता बनाना है, सपनो को अब देखा है तो पूरा करके दिखाना है, अपने read more >>
मजबूर हूँ साहाब इन हालातों के दोर में, दो वक्त की रोटी मिल जाएँ इस लिए ही भटकता हूँ इस संसार की भाग दौड़ में, मेरा कौन है इस दुनिया में यह� read more >>
अपना रूप हमेशा दिखाती है प्रकृती, कभी धूप तो कभी छाँव का अहसास कराती है प्रकृति, हर मौसम में भी जीवन जीना सिखाती है प्रकृति, हमारी भूख- read more >>
मेघ तू अब तो बरस जा अन्नदाता के आँसू पहुँच जा, उम्मीदों के इस सफर को तू ना अब ऐसे सूना कर जा, बंजर पडी इस जमीन को मेघ तू अब भी बरस कर सोना क� read more >>
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