जो इस मिट्टी का मन न ,
जो तिरंगे का सम्मान ना रखे हैं
मिता दो उस विपाक्षी को जो तुम्हारे पक्ष में हाथ न रखे ll
……जय हिंद
__रोहित यादव � read more >>
मैं गंगा हुँ ,
आदि युग से ही मुझे पवित्र माना जाता था |
अदि युग से ही मुझे अमृत के सामान माना जाता
था |
अदि युग से मनुष्य अपने पापो को धोने read more >>
नफरत की फसल तुझको !
अब और न बोने देंगे !!
इन हसीं वादियों को !
वीरां न होने देंगे !!
तेरे नापाक मंसूबो को !
साकार न होने देंगे !!
तेरी कठपुत� read more >>