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घाट का एक ख़ामोश पत्थर हूँ मैं, मैंने नदी के हज़ार नखरे देखे हैं… कभी लहरों की हल्की छुवन, तो कभी बाढ़ के ग़ुस्से देखे हैं… कभी किसी न� read more >>
नील गगन के नीचे, जलधारा के बीच, एक नाव चली, बहती रीतम - रीत। नाव की देहरी पर बैठी कोई, मानो स्वप्नों से आई जलपरी। नयनों में गहराई, लहरों-� read more >>
शक्ति के प्रेम में शिव भी बदल गए थे, वैरागी से किसी के हमसफ़र बन गए थे। जो ध्यान में लीन, विरक्त थे सदा, प्रेम के स्पर्श से शक्ति के हो गए read more >>
रे मनुष्य हो सावधान! वन्य जीवों का करो सम्मान !! मानवता हेतु शर्म की घड़ी है प्रश्नों संग पशु दुनिया खड़ी है काट डाले आश्रय वन सारे न� read more >>
टहनियों के बीच से झांकता परिंदा, बाहर के माहौल को भांपता परिंदा, घोसले के मोह से न जागता परिंदा, पर भूख के पीछे भीतर भागता परिंदा। ज्य read more >>
समर्पण और मेहनत: सफलता की कुंजी हर व्यक्ति के जीवन में एक ऐसा क्षेत्र होता है जिसमें वह आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती read more >>
बताओ कौनसी किताब लिखूं सितारों की महफिल में सबसे अलग लगाती हो तुम आंखों में लगी काजल और खुले बाल में लाजवाब लगती हो तुम बताओ तुम पर क� read more >>
जरूरत पड़ी तो धूप नहीं तो छांव में रहे बेगैरत हैं वो लोग जो दो नाव में रहे हमने तो सौंप दी दिल की सल्तनत उन्हें अफसोस कि वो फिर भी चुन� read more >>
ढलती उम्र का हर मंजर नया सा है, कल जो जवां था, आज तनहा सा है। आँखों में अब भी ख्वाब जिंदा हैं, पर पलकों पर बोझ थोड़ा ज्यादा सा है। कदम जो क� read more >>
गांव की गलियों में अब भी तेरी याद बसती है, मिट्टी की खुशबू में तेरी ही बात महकती हैं। बरगद के पेड़ तले जो साथ बैठते थे कभी हम अब भी वो ठं read more >>
तेरी यादों का साया अब भी मेरे साथ है, हर लम्हा बस तेरा एहसास है। चाहा भुलाना तुझे इन रातों की तरह, पर दिल में तू ज्यों कोई जज़्बात है। ह� read more >>
गरीबी का दामन संभाले खड़े हैं, सपने तो ऊँचे हैं, पर टूटे पड़े हैं। रौशनी जिस शहर में बिकने लगी है, वहीं कुछ चूल्हे अब तक बुझने पड़े हैं। read more >>
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