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*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* 👇👇👇 घमण्ड *कहानी आपको कैसी लगी जरूर बताएं। शेयर ऑन व्हाट्सएप* 💐💐💐💐 🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹 *🌸👉🏿घमंड नहीं करना चाहिए* .👇👇� read more >>
कल - कल - कल - कल , कल - कल - कल - कल! कल - कल करती है ज्ञान धरा, मन मे विस्मीत जहां शिष्ट विवेक!! खिलती है प्रतिष्ठा शिक्क्षा कि, read more >>
भूख में बासा भात , स्वादिष्ट व्यंजन है। वही तृप्ति में बेस्वाद। सवेरे का अनवरत होना, जिंदगी का रुकाव है। दुख में चिंतन का पर्याय, खाम read more >>
अपना ईमेज ऐसा रखो कोई तुम्हे अगर धोखा दे, तो उस धोके का उन्हें पछतावा मिले| read more >>
💐प्रस्तुतकर्ता- सपनों का सौदागर.... करण सिंह💐 *💐💐दो पत्ते 💐💐* 👇👇👇 गंगा नदी के किनारे पीपल का एक पेड़ था। पहाड़ों से उतरती गंगा पूरे वे� read more >>
खल बली सा मच गया मेरे मन के अंदर में कोई ढूंढता होगा ज्ञान को कलंदर में मेरे पिता की मेहनत ने मेरी आँखे खोल दी जब पसीने से भिगा हुवा देख read more >>
मनुष्य जैसा है वैसा रहना चाहिए read more >>
पिता :- अपने दो हैं आँखों का तारा संग में है इक प्यारा इन के बिना जीवन अधूरा रहेंगे सब मिल के नेक राह में चल के खुशबू फैलायेंगे काँटों म read more >>
मैं कल भी बहुत चिंतित और उदास था और आज भी! जब भी मैं हस्तिनापुर के भविष्य के लिए महाराज धृतराष्ट्र को चेतावनी दी या उन्हे भविष्य मे आने � read more >>
// आपसे ..... खुद को हमनें , आप बना लिया खुद से आपसे , बातें कर लिया एक ही नजर में , आपको अपना लिया आखिर ऐसी भी , क्या है आपमें , कोई खास विशेषत� read more >>
मुझे मालुम है, ले वैठी होगी, किसी नदी के किनारे, नाव जीवन की। प्रतिक्षा होगी वस, जीवन साथी की, आते ही उनके नाव चल देगी...। अनचाह� read more >>
आज का समाज, भाग चार="बेहोसी" लेखक= शशीकांत सिंह दुनिया की जब शुरुआत हुई थी तो लोगो ने क्रम स: सब चीजों को धीरे धीरे किया, पहले जीवन जीन� read more >>
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