"जय श्री कृष्ण"
द्वारिका है श्री कृष्ण नगरी।
नगर में कृष्ण की यादें घूमीं।
कृष्ण प्रेम के प्रतीक हैं।
हर तम के बीच मे वह दीप हैं।
read more >>
मुनासिब नहीं मेरा किसी पर भी बरस जाना,।
मैं उस पगडंडी पर ,बिना धाप किए चल रही हूं,
जहां एक कांटा कुरेदता है , मेरी कदमों के तलवे को,मगर
को read more >>