बरवै छंद "शिव स्तुति"
सदा सजे शीतल शशि, इनके माथ।
सुरसरिता सर सोहे, ऐसो नाथ।।
सुचिता से सेवत सब, है संसार।
हे शिव शंकर संकट, सब संहा read more >>
तुमने मुझे..खो दिया...
ठीक वैसे ही..जैसे 'बसंत' में
'पेड़'..खो देता हैं 'पत्तों' का साथ...
या वैसे..जैसे रह जाता है..
एक 'बूंद' तन्हा...'शाखों' पर
'ब� read more >>