"धरती रो रही है, पर नेता सो रहे हैं,
विकास के नाम पर जंगल खो रहे हैं।"
"पेड़ अगर सांस हैं,
तो क्यों हो रही इनकी हत्या राजनीति की आड़ में?"
"� read more >>
" तुम्हारे साथ बिताया हर लम्हा,
जैसे वक़्त को रोक देने का मन करता है…
तेरी बाहों में सुकून है,
तेरी आँखों में मेरा जहाँ… "
" ना कोई और ख्� read more >>
आज के दौर में विज्ञान ने जितनी तरक्की की है, उतनी ही तेजी से समाज में नैतिक और संवेदनशील मुद्दे भी जन्म ले रहे हैं। इन्हीं में से एक है अ� read more >>