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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज जो लोग मेरी वे बसी पर छोड़ कर चले गए है,कल उसके औकात से ज्यादा पैसे कमाऊंगा।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
ऐसे ऐसे यार बना रखे है हमने जो मैसेज का जवाब देख कर नही देते,उनसे अच्छा होने का क्या उम्मीद रखे है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब को हुसैन से मोहब्बत है लेकिन काम अपने पापा इब्लिस के जैसा कर रहा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
यहां सिर्फ तुम मोहब्बत कर सकते हो लेकिन वफा करना Allow नही है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब काम भगवान ही सही कर दे तो तुम पैदा किस लिए हुए हो नजर उतार ने।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शिकंदर बनने की कोशीस करो नही तो लोग तुम्हें गुलाम बना देंगे।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जब जनाजा निकल जाए तो लोग मातम माना कर कहते है,तेरी वफा पर आंच नही आने देंगे। "हुसैन?
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
फिल्म की क्लाइमेक्स में रानी सिर्फ हीरो का ही होता है,लेकिन रियल लाइफ में रानी हीरो का नही विलेन का होता है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
उतर गई न एक घूंट की लज्जत अब मातम माना कर हुसैन की वफा पर पहरेदारी करेंगे झूठी मोहब्बत का।
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कौन है वो चौथा सदस्य
मै एक कहानी को कविता का रुप देकर लिख रही हूं। आशा करती हूं! आप सबको समझ आयेगी! सुनीता _ जल्दी जल्दी काम निपटा लो! &nbs
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अंधी दौड़
तेल, नमक, लकड़ी, चीज याद रह गई तीन। जीता -जागता मनुष्य, बनके रह गया मशीन। खाना- पीना, उठना- बैठना, सबकी रेल- पेल। भौतिकता की चकाचौंध ने, बि�
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*रक्षाबंधन*
*रक्षाबंधन* भैया रेशम के धागे का बंधन भूल न जाना रक्षाबंधन के दिन भैया बहिन को नहीं भुलाना। घर में रहकर बचपन मे हम कितनी धूम मचाते थ�
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