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🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 *💐💐राजा भोज और सत्य💐💐* प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 *💐💐राजा भोज और सत्य💐💐* प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह एक दिन राजा भोज गहरी निद्रा में सोये हुए थे। उन्ह�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यों मोहब्बत खत्म कर के जहन्नुमी बनना चाहते हो,क्योंकि मोहब्बत के बिना जन्नत भी हासिल नहीं होती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जो दोस्त तुम्हें पहचान ने से भी इंकार कर रहे है कल बही दोस्त तुम्हारे काबिलियत को देख कर तुम्हारे नाम से अपनी पहचान बताएंगे।।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम तो बहुत खुशी मना रहे थे अचानक तुम्हारी खुशी पर पैबंद क्यों लग गया जीना नहीं चाहते या मौत की डर सता रही है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब कोई किसी का दोस्त नही रहा क्योंकि उन्हें मेरी चाहतों से ज्यादा मेरी जरूरत से मोहब्बत हो गई है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब के मन में स्वार्थ भरा हुआ है अब मोहब्बत मिल भी जाए तो वफा कौन करेगा।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इज्जत को भी पैसे के जैसा तरबियत दो शाहब,क्योंकि इज्जत और पैसा दोनो को कमाया जाता है खरीदा नही जाता।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज जो हमे बेकार समझ रहे है कल बही लोग मेरी काबिलियत पर ताली मार कर मेरी पहचान बताएंगे।
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*💐💐बुढ़ापे की नजदीकियाँ*💐💐 ***प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह****
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐बुढ़ापे की नजदीकियाँ*💐💐 ***प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह**** निगम साहब पिछले बीस मिनट से पूरे घर में हड�
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एकावली छंद "मनमीत"
किसी से, दिल लगा। रह गया, मैं ठगा।। हृदय में, खिल गयी। कोंपली, इक नयी।। मिला जब, मनमीत। जगी है, यह प्रीत।। आ गया, बदलाव। उत्तंग, है चाव।।
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चौपई छंद "चूहा बिल्ली"
(बाल कविता) म्याऊँ म्याऊँ के दे बोल। आँखें करके गोल मटोल।। बिल्ली रानी है बेहाल। चूहे की बन काल कराल।। घुमा घुमा कर अपनी पूँछ। ऊपर न
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गंग छंद "गंग धार"
गंग की धारा। सर्व अघ हारा।। शिव शीश सोहे। जगत जन मोहे।। पावनी गंगा। करे तन चंगा।। नदी वरदानी। सरित-पटरानी।। तट पे बसे हैं। तीरथ स�
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