*दिल की बातें*
तुम मतलब की तेजी हो,
मै तुरंत का रिप्लाई प्रिये...।
तुम गांव की ग्रेजुएट लगती हो,
मैं गाँव का फ्री मेंस प्रिये ...।
तुम शहर � read more >>
*हंसते हुए जीना*
वैसे जिंदगी तो सब अस्त व्यस्त है...
फिर भी सब ठीक है, मान लेता हूं मैं ।
जिंदगी को हंस कर जीना है...
ये भी बिता कर, मान लेता read more >>
आज के समय में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल इसी जन्म में मिल रहा है। चाहे वह किसी के प्रति अच्छा व्य read more >>
आज के दौर में जब हम समाज की ओर नजर डालते हैं, तो पाते हैं कि कई लोग गलत रास्तों की ओर बढ़ते जा रहे हैं। चाहे वह नशे की लत हो, गलत संगत हो, अपर read more >>
नमस्ते
क्या लिखना है? क्यों लिखना है? कब लिखना है? कहां लिखना है? किसके लिए लिखना है? बस ये कुछ सवाल ही कुछ लिखने से रोक देते है। लेकिन फिर read more >>