MUSARRAT ALI 11 Nov 2025 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत Khamosh_Alfaz 18377 0 Hindi :: हिंदी
नशीली रात में जब हमने तेरा नाम लिया
जो तुम ना आए तो तन्हा था शराब थाम लिया l
बस इक नज़र तुझको देखा मुझको होश नहीं
मैं डूब जाऊँ निगाहों में मेरा दोष नहीं
बस ख़यालों में ही सोता कहाँ सवाल किया
जो तुम ना आए तो तन्हा था शराब थाम लिया l
हवाएँ तेज़ थीं बारिश थीं सर्द रातें थीं
वो काफ़िला भी मेरा छूटा तेरी यादें थीं
कोई रंजिश थी इसी पहर में जो काम लिया
जो तुम ना आए तो तन्हा था शराब थाम लिया l
जो दिल को छोड़ा गर्दिशों में दिलरूबा बनकर
तभी मुझको मिली शराब रहनुमा बनकर
गरीब था यही समझकर ऐसा काम किया
जो तुम ना आए तो तन्हा था शराब थाम लिया l
#Khamosh_Alfaz by M.Ali