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હવે તારી સ્મૃતિની એ, અસર મારે નથી રાખવી, જ્યાં કદર ના હોય મારી, એ ડગર મારે નથી રાખવી. ​હતી જે દર્દની મોસમ, હવે એને વિદાય આપું, ભીની આ આંખ� read more >>
એને એમ કે સાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો, ભ્રમ એનો આ હાથ છુટી ગયો એટલે પ્રેમ પતી ગયો. ​નજરથી દૂર થવું એ તો સમયની એક ચાલ હતી, એ સમજી કે રસ� read more >>
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें खुद को खोया न जाए, वो शहादत ही क्या जिसपे देश रोया न जाए। दहेज में माँ ने दुआएं दीं और पिता ने हौसला, सरहद पर ब� read more >>
रास्ते मुश्किल हैं तो क्या, इरादे फ़ौलाद रखते हैं, हम वो नहीं जो किस्मत के भरोसे हाथ मलते हैं। पसीने की हर एक बूंद से अपना कल लिखेंगे, कद� read more >>
नम आँखें फिर मुस्करा गई, ऐसा क्या कहा उसने कि उसे देख फिर इतरा गई।। read more >>
वो कहते हैं चमक देखो, दीवारों का निखार देखो, इन सोने की सलाखों में, तुम शाही ठाठ-बाट देखो। हर दाना है मोती जैसा, हर बर्तन है चांदी का, पर म read more >>
आरव एक मध्यमवर्गीय परिवार का लड़का था। उसकी दोस्ती एक अमीर परिवार के लड़के, समर, से थी। वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानता था कि उसे राह दि read more >>
उठो कि अब विश्राम नहीं, रुकना तेरा काम नहीं। समय की धारा को मोड़ दे तू, हर पुरानी बेड़ियाँ तोड़ दे तू। ​न हार का गम, न जीत का मोह, बस कर्म मे� read more >>
हथेली की लकीरों में छुपा, कोई राज नहीं होता, जो झुक जाए तकदीर के आगे, वो सरताज नहीं होता। माना कि वक्त की लहरें, कभी विपरीत बहती हैं, मगर � read more >>
न कोई चूक हुई मुझसे, न कोई अपराध किया, फिर भी वक्त ने सजा सुनाई, ये कैसा न्याय जिया? मैंने बोए थे फूल सदा, काँटों का उपहार मिला, निर्दोष खड़ read more >>
भणनो भौत आच्छी बात है, पण गुणनो बीं स्यूं भी आच्छौ। पढ़' रै मिनखपणो नीं आवै, बीं'सूं अणपढ़ गुंवार आच्छौ। - राधेश्याम जोशी कोहिणा read more >>
आसरौ छोड़ सासरै आई, बेटी बण नैं रीत निभाई। बाबोसा घर लाड़ लड़ाई, सासरियै में प्रीत निभाई। मैं बेटी हूं जुगा जुगा सूं, पण बेटै सूं लारै read more >>
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