"घर की याद"
कितना भी करो आ जाती हैं
घर की याद आ ही जाती हैं
सुबह नहीं तो शाम को आ जाती हैं
घर की याद आ ही जाती हैं
घर की नहीं तो घरवालों � read more >>
आदमी बना... है, शर्म बेशर्म
फूटी है किस्मत ना सच्चे कर्म|
दौलत के आगे प्यार भुलाए|
अपनों से रिश्ता पैसा छुड़ाए||1||
रिश्तेदारों को देख करत� read more >>