न शौक, न श्रृंगार ,न इच्छा न चाह हो,
न दु:ख हो न दर्द हो,कठिन भले ही राह हो,
तेरे बिना रहना कैसा?भाये भला तनहाइयां?
बनकर सदा चलता रहूं ,अमिट � read more >>
आज दिन में
धूप थी कुछ तेज ज़्यादा
क्यों ? कदाचित...
धूप के ये सूक्ष्म कण मानों
पसीने के कणों से मिल बने
कुछ खेत में, कुछ कारखानों में
तथा � read more >>
खुद का खुद से ध्यान रख,
ध्यान भी कर, प्यार भी कर।
नफरत की गन्दी हरकत दूर कर,
यूं ही हसियों और खुशियों में सफर कर।
खुवाबो का महल बना,
उसे स read more >>
खुद का खुद से ध्यान रख,
ध्यान भी कर, प्यार भी कर।
नफरत की गन्दी हरकत दूर कर,
यूं ही हसियों और खुशियों में सफर कर।
खुवाबो का महल बना,
उसे स read more >>