सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
बातों की देके रोटी !
खा गए हमारी बोटी !!
देखी है इनकी रहमत !
ऐसी है इनकी ख़िदमत !!
लूट रही है देखो !
ब� read more >>
वो कहते थे कि हम उनकी जान हैं।
पर आज पता चला कि हम छोडी़
हुई एक झुठी फ रियाद हू़ँ।
थमा था हाथ ऊमर
भर कि
निभा ना सके एक पल कि
ना वो आऐ ना उ� read more >>