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//...हाल-ए-दिल...// समाज की , कुछ बंदिशे इश्क पर , छाती गर्दीशे...! ना तुम मेरी , ना मैं तेरा हम एक-दूसरे के भी होके...! तेरे पास से , गुजर कर भी , � read more >>
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता , अपने अंदर खोजो वो मिल जायेगा I मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता , कर्म बदलो आपको वो मिल जायेगा I मन का स� read more >>
//...हाल-ए-दिल...// समाज की , कुछ बंदिशे इश्क पर , छाती गर्दीशे...! ना तुम मेरी , ना मैं तेरा हम एक-दूसरे के भी होके...! तेरे पास से , गुजर कर भी , � read more >>
रात को सपनों में मुलाकात होती है मेरी सुबह होती है जब दुनिया सोती है तड़पता है दिल में जब सुबह होते हैं आंख खुलते ही जब वो दूर होती है र read more >>
चारों तरफ महंगाई के साए हैं न्यूज देखी तो पता चला अछ्चे दिन आए हैं आज की महंगाई में बाजार का यह हाल है ग्राहक पीला और दुकानदार लाल है क� read more >>
तू अगम कोई अनोखा है नहीं इस विश्व भर में घुट रहा है , शीश के नीचे कोई कन्धा नहीं है।। ईश ने सबको दिया अधिकार जब स्वच्छन्द का तो कोयलें � read more >>
शीर्षक - हौसला अभी बाक़ी है गिर कर भी उठने का हौसला अभी बाकी है, हार कर भी जीतने का हौसला अभी बाकी है , मार्ग भटक कर भी गंतव्य तक पहुँचने क read more >>
एक थी धारा 370 जिससे अंधकार था घाटी में, मोदी ने आ कर मिटाया भारत की परिपाटी से। जहां बलिदान हुए मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है, अखंडता के इ� read more >>
वह नर मुंडो वाली चामुंडा भी बेबस बैठी थी घाटी में l बर्फीले बर्फानी पर भी धूल जमी थी घाटी में ll उठो भैरब अब लक्ष्य साधो खड़क खप्पर कृपा� read more >>
मेरे देश के सिपाही बढ़ने लगे है आगे, उद्धघोष संस्कृति का मेरा देश कर रहा है। जय घोष संस्कृति का मेरा देश कर रहा है , हम सब है भारतवाशी मे read more >>
एक दिन अकेला बैठा था में ना कोई नाम था मेरा न थी कोई पहचान l सोच रहा था क्या करूंगा क्या बनूँगा अपने मकसद से था बिलकुल अनजान ll नदी के परव� read more >>
अंगारित मन! कर शांत इसे, क्यों?भड़क रही यह ज्वाला है । क्रोध, शोक ओर ईर्ष्या, यह तो हलाहल का प्याला है।। जिसमें धँसता चला जा रहा है धीर� read more >>
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